संस्कृत व्याकरण

किसी भाषा को सीखने और समझने के लिए उस भाषा के व्याकरण का बोध होना अत्यन्त आवश्यक है. संस्कृत भाषा का व्याकरण विश्व की किसी भाषा के व्याकरण की अपेक्षा सबसे अधिक व्यवस्थित, सटीक और वैज्ञानिक है, अतः इस भाषा को सीखने के लिए प्रारम्भिक स्तर से ही उसका व्याकरण सीखने की आवश्यकता होती है. संस्कृत भाषा में प्रत्येक पद और वाक्य विशिष्ट प्रयोग से ही अपने अर्थ को व्यक्त करता है, इसमें थोड़ी सी भी असावधानी अर्थ का अनर्थ कर सकती है. प्रारम्भिक स्तर पर संस्कृत व्याकरण का अध्ययन करते समय निम्नलिखित तत्वों का अध्ययन किया जाना अपेक्षित होता है.

• संस्कृत वर्णमाला
• स्वर-व्यंजन
• उच्चारण प्रक्रिया
• शब्दरूप
• धातुरूप
• कारक चिह्न
• विभक्ति
• काल
• वचन
• पुरुष
• प्रत्यय
• उपसर्ग
• अव्यय
• संख्या
• समय
• सन्धि-विच्छेद
• दैनिक उपयोग हेतु शब्दकोश
• परिचयात्मक वाक्य
• शिष्टाचार सम्बन्धी वाक्य
• कार्यालय सम्बन्धी वाक्य
• पत्र लेखन
• शुभकामना सन्देश
• सरल वाक्य लेखन
• श्लोक गायन

अकादमी में आप 30 दिनों में आप टेक्स्ट/ऑडियो आदि के माध्यम से संस्कृत का प्रारम्भिक व्याकरण सीख सकते हैं. पञ्जीकरण के तीस दिन बाद आप ऑनलाइन परीक्षा देकर अपनी योग्यता की जाँच कर सकते हैं. ५० प्रश्नों के प्रश्नपत्र में २६ प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले को अकादमी की ओर से एक प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा.

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