जीवन कौशल एवं आत्मप्रबन्धन

जीवन एक सतत् और विलक्षण प्रक्रिया है, जिसमें नित नये आयाम जुड़ते रहते है. इस व्यापक विश्व में एक ही विचार, वस्तु अथवा घटना किसी समय या स्थान विशेष पर एक व्यक्ति के लिए ग्राह्य तो किसी अन्य के लिए त्याज्य रूप में होती है. किसी के लिए जिस वस्तु की प्राप्ति जीवन का चरम उद्देश्य हो सकती है, वही वस्तु अन्य के लिए तिनके के समान त्याज्य हो जाती है. एक स्थिति में जो हिंसा है, वही दूसरी स्थिति में सबसे बड़ा जीवनमूल्य स्वीकार की जाती है. परिवर्तनशील इस जगत् में न कोई विचार या वस्तु अच्छी या बुरी है और न ही कोई ग्राह्य या त्याज्य. सब कुछ समय और परिस्थिति के अनुसार श्रेष्ठ और हेय समझा जाता है.

इन परिस्थितियों के बीच स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाना तथा जीवन को उसके सम्पूर्ण सौन्दर्य के साथ जीना कौशलसाध्य है. स्वयं की शक्तियों और कमजोरियों की पहचान करते हुए आसपास के व्यक्तियों और वस्तुओं के साथ स्वयं का अनुकूल तादात्म्य बना पाना जीवन कि सबसे बड़ी कसौटी है. इस कसौटी पर वे ही खरे उतर पाते है, जिन्होंने आत्म- प्रबन्धन के साथ-साथ जीवन-कौशल को सीखा है और उसको अपने आचरण में उतारा है. हम प्रायः देखते है कि कुछ लोग सामान्य परिस्थितियों में थोड़ा सा भी विचलन होने पर घबरा जाते है, वहीं कुछ लोग असामान्य परिस्थितियों में भी ऐसे सहज व्यवहार करते है जैसे उनके लिए यह सब कुछ सामान्य सा हो. इसके पीछे कौशल है – असामान्य को भी सामान्य या विशेष बना लेने का कौशल.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी जीवन कौशल एवं आत्म-प्रबन्धन की आवश्यकता को स्वीकार किया है और गहन अध्ययन के बाद मुख्यतः दश कौशल स्वीकार किये हैं, जो जीवन को सहज और सुचारु बनाने के लिए आधारभूत हैं –

1- आत्मजागरूकता
2- तदानुभूति
3- समीक्षात्मक विचारशीलता
4- निर्णयात्मक विचारशीलता
5- रचनात्मक विचारशीलता
6- समस्यासमाधानात्मक दृष्टि
7- प्रभावी संवाद
8- अन्तर्वैयक्तिक सम्बन्ध
9- तनावमुक्ति कौशल
10- संवेदनात्मक कौशल

इन्ही दश कौशलों की समझ, स्वीकार्यता और जीवन में उपयोगिता के प्रशिक्षण के लिए अकादमी ने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था की है, जो समय-समय पर विभिन्न केन्द्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, इन कार्यक्रमों में कोई भी व्यक्ति पूर्वसूचना के आधार पर सहभागिता कर सकता है. संस्थाओं से आमन्त्रण प्राप्त होने पर समूह में प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम भी अकादमी द्वारा सञ्चालित किया जाता है

व्यक्ति या संस्थाएं अकादमी के जीवनकौशल एवं आत्म-प्रबन्धन कार्यक्रम से जुड़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें.