माध्यमिक / स्नातक / परास्नातक

भारतवर्ष में प्रायः प्रत्येक राज्य में माध्यमिक स्तर से ही छात्रों के लिए संस्कृत के अध्ययन का विकल्प उपलब्ध है और बड़ी संख्या में छात्र अध्ययन कर भी रहे हैं. विडम्बना यह है कि स्नातक एवं परास्नातक स्तर तक आते-आते छात्रों की यह संख्या बहुत कम रह जाती है. इसके पीछे अभिभावकों एवं शिक्षकों में जागरूकता का अभाव आदि अनेक कारण हैं, जिनमें अभिप्रेरण एवं केन्द्रीकृत सहायता का न होना मुख्य है.

इसी समस्या से निपटने एवं माध्यमिक/स्नातक एवं परास्नातक स्तर के छात्रों को अभिप्रेरण एवं केन्द्रीकृत सहायता उपलब्ध कराने के लिए अकादमी ने कार्य प्रारम्भ किया है. सुदूर गाँव के किसी विद्यालय में संस्कृत का अध्ययन करने वाला कोई छात्र हो अथवा शहर के आधुनिक विद्यालय का छात्र, कोई भी संस्कृत से सम्बन्धित किसी भी समस्या के समाधान के लिए अकादमी से दूरभाष अथवा वेबसाइट के माध्यम से सम्पर्क कर सकता है. अकादमी द्वारा छात्रों को प्रवेश, पाठ्यवस्तु, शिक्षण, अभिप्रेरण एवं रोजगार सम्बन्धी किसी भी जिज्ञासा का तत्काल समाधान उपलब्ध कराया जाता है. अकादमी द्वारा संस्कृत के छात्रों एवं उनके अभिभावकों के साथ ‘मार्गदर्शन सत्रों का आयोजन’ भी इसी प्रक्रिया का एक भाग है.

माध्यमिक/स्नातक/परास्नातक स्तर पर अध्ययनरत जिन छात्रों को संस्कृत की पाठ्यवस्तु के अध्ययन में कोई समस्या है, वे इससे सम्बन्धित सहायता के लिए भी अकादमी से सम्पर्क कर सकते हैं, अकादमी दूरभाष एवं वेबसाइट द्वारा अथवा छात्र के निवासस्थान या विद्यालय के निकट अपने किसी शिक्षण केन्द्र के माध्यम से शिक्षण सम्बन्धी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती है.

माध्यमिक/स्नातक/परास्नातक स्तर पर अध्ययनरत छात्र संस्कृत सम्बन्धी मार्गदर्शन एवं सहायता के लिए यहाँ पर क्लिक करें