संस्कृत सम्भाषण

कोई भी भाषा तभी उत्कर्ष को प्राप्त करती है, जब उसका सामान्य बोलचाल में प्रयोग किया जाता है. जब तक वह पुस्तकों तक सीमित रहती है तब तक उसके प्रचार-प्रसार की अपेक्षा नहीं कि जा सकती है. संस्कृत भाषा के साथ तो स्थिति दूसरे प्रकार कि है. इसको पढ़ने वाले ही अधिकांश छात्र बातचीत में इसका प्रयोग करने में संकोच का अनुभव करते हैं. कारण यह है कि आधुनिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य संस्कृत भाषा के माध्यम से नहीं होता है. इन विद्यालयों से निकले हुए स्नातक जब आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं अथवा साक्षात्कार के लिए उपस्थित होते हैं, तब उनके सामने भाषा ही सबसे बड़ी समस्या होती है. इन स्थितिओं को ध्यान में रखते हुए अकादमी ने व्यापक स्तर पर संस्कृत के सम्भाषण को समृद्ध करने की योजना बनायी है. इससे न केवल छात्र संस्कृत सम्भाषण कला में दक्ष होने का अवसर प्राप्त करेंगे अपितु संस्कृत के अध्यापक भी संस्कृत माध्यम से अध्यापन करने की योग्यता ग्रहण कर पाएंगे.

अकादमी अपने परिसर के अतिरिक्त दिल्ली में स्थित विभिन्न केन्द्रों पर नियमित रूप से संस्कृत सम्भाषण के प्रशिक्षण का कार्य करती है. जहाँ पर (किसी भी आयु वर्ग का) कोई भी व्यक्ति पूरे वर्ष में किसी समय आकर संस्कृत सीखना प्रारम्भ कर सकता है. सीखने वालों की संख्या पर्याप्त होने पर अकादमी प्रशिक्षुओं की सुविधा के लिए उनके आवास के पास ही शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराती है. इसके अतिरिक्त वेबसाईट के माध्यम से (टेक्स्ट और आडियो प्रारूप के द्वारा) घर बैठे संस्कृत सम्भाषण सीखकर उसका अभ्यास किया जा सकता है. तकनीक का प्रयोग करते हुए यह कार्य बहुत ही सरलतापूर्वक सम्पन्न होता है. निर्धारित अन्तराल पर प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन भी किया जाता है, जिससे सीखने की प्रक्रिया गम्भीर और क्रमबद्ध रूप से सञ्चालित होती रहे. प्रशिक्षण के उपरान्त होने वाली परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों को अकादमी की ओर से प्रशस्तिपत्र भी दिया जाता है.

संस्कृत के अध्येताओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे न केवल स्वयं संस्कृत सम्भाषण कला में दक्ष होंगे अपितु इसके लिए अन्य लोगों को प्रेरित भी करेंगे तभी संस्कृत और संस्कृति का प्रचार-प्रसार होगा. संस्कृत की अन्य संस्थाएं भी इस कार्य के लिए आगे आ सकती हैं, जिनके साथ मिलकर अकादमी कहीं भी संस्कृत सम्भाषण का प्रशिक्षण देने के लिए पूर्णरूप से तैयार है.

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